हींग के चमत्कारी फायदे – पाचन से लेकर दर्द तक हर समस्या का समाधान

हींग: 
हर रसोई में मिलने वाला गुणों से भरपूर खजाना

हींग एक ऐसा मसाला है जो लगभग हर भारतीय रसोई में आसानी से मिल जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये छोटी-सी दिखने वाली हींग कितनी गुणकारी और औषधीय होती है?

भारत में रहने वाले लोग भली-भांति जानते हैं कि हींग का इस्तेमाल सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत सुधारने के लिए भी किया जाता है। कहा जाता है कि दोपहर के भोजन में हींग का प्रयोग करने से शरीर में वायु (गैस) का प्रकोप नहीं बढ़ता।

हींग की तासीर गर्म होती है, यही वजह है कि यह अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसी सांस की बीमारियों में बहुत लाभकारी मानी जाती है।
पेट में दर्द होना आम बात है और अक्सर लोग इस समस्या से जूझते नजर आते हैं लेकिन उस समय एक गिलास हींग का पानी आपकी पेट की समस्या को चुटकियों में दूर कर देगा। हींग के पानी में मौजूद एंटी इंफ्लेमेंट्री और एंटी ऑक्सीडेट्स तत्व खराब पेट और एसिडिटी के अलावा कई बीमारियों से निजात दिलाता है।

हड्डियों और दांतों को बनाता है मजबूत

हींग के पानी में एंटी इंफ्लेमेट्री प्रॉपर्टीज मौजूद होती हैं जो हड्डियों को मजबूती देती हैं। वहीं हींग में पाया जाने वाला एंटी ऑक्सीडेट्स दांतों को हेल्दी और स्ट्रांग  बनाता है।

माइग्रेन के दर्द में कारगर

हींग का पानी माइग्रेन के दर्द के अलावा दांत के दर्द से भी राहत दिलाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और दर्द निवारक तत्व मौजूद होते हैं जो दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं।

अचार की सुरक्षा: 

आचार की सुरक्षा के लिए बर्तन में पहले हींग का धुंआ दें। उसके बाद उसमें अचार भरें। इस प्रयोग से आचार खराब नहीं होता है।

हींग को गर्म करके दांत या जबड़े के नीचे दबाने से दांतों में लगे हुए कीड़े मर जाते हैं और दर्द में आराम मिलता है।

पीलिया:
हींग को गूलर के सूखे फलों के साथ खाने से पीलिया में लाभ होता है।
पीलिया होने पर हींग को पानी में घिसकर आंखों पर लगायें।

पेशाब खुलकर आना: 

हींग को सौंफ के रस के साथ सेवन करने से पेशाब खुलकर आता है।
चक्कर: घी में सेंकी हुई हींग को घी के साथ खाने से गर्भावस्था के दौरान आने वाले चक्कर और दर्द खत्म हो जाते हैं।

ब्लड प्रेशर को करता है नियंत्रित

हींग को खाने में डालकर खाना हो या फिर पानी में मिलाकर पीना दोनों ही आपके शरीर के लिए गुणकारी होता है। हींग का पानी शरीर में ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है।



हीग सावधानी से खरीदनी चाहिए। बाजार में खुले में बिकने वाली हींग नकली भी हो सकती है। असली हींग की पहचान करने के तरीके से असली Hing और नकली हींग में फर्क मालूम चलता है तथा हींग में मिलावट हो तो उसका भी पता लगाया जा सकता है।
असली हींग की पहचान इस प्रकार की जा सकती है :
— असली हीग की पहचान करने के लिए हीग को पानी में घोलना चाहिए। पानी का रंग दूध जैसा सफ़ेद हो जाये तो हीग को असली समझना चाहिए।
माचिस की जलती हुई तीली हीग के पास लाने से चमकदार लौ निकलती है तथा यह पूरी तरह जल जाती है। नकली हीग के साथ ऐसा नहीं होता।


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