Pregnancy ke dauran fungal infection ka ilaj

👶 माँ बनने के दिनों में फंगल इंफेक्शन से जंग — मेरा अपना अनुभव

लेखिका: Monika Mishra | ब्लॉग: Apni Pehchaan





माँ बनना अपने आप में एक अनोखा अनुभव होता है, लेकिन जब इस सफर में कोई बीमारी जुड़ जाए, तो हर दिन एक नई चुनौती बन जाता है। मेरी प्रेग्नेंसी के दौरान ऐसा ही एक अनुभव रहा — फंगल इंफेक्शन का।



🩺 जब समझा खाज नहीं, बीमारी थी

ये बात लगभग दो साल पुरानी है। मैं माँ बनने वाली थी और शुरुआत में मुझे लगा कि शरीर में जो खुजली हो रही है वो प्रेग्नेंसी में सामान्य होती है। लेकिन रात होते-होते ये खुजली इतनी बढ़ जाती थी कि बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता था।

डॉक्टर को दिखाया तो पता चला कि ये एक फंगल इंफेक्शन है। लेकिन उस समय डॉक्टर ने कहा कि प्रेग्नेंसी में कोई oral दवा नहीं दी जा सकती। उन्होंने एक luliconazole क्रीम और antifungal पाउडर दिया — कुछ देर आराम मिला, पर समस्या फिर लौट आती।

🤰 डिलीवरी के बाद भी संघर्ष और इलाज की नई शुरुआत

डिलीवरी के तुरंत बाद मैंने एक डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाया। उन्होंने शुरुआत में fluconazole टैबलेट  तो ठीक था परंतु जो  cetirizine दवा थी  इसे  खाने के बाद इतनी नींद आने लगी कि लगता था शरीर सुन्न हो गया है, जैसे दिमाग सूज गया हो।

10 दिन तक दवा ली, लेकिन side effects ने मुझे बहुत परेशान किया — मुँह सूखना, कमजोरी, और थकावट। फिर डॉक्टर से दुबारा बात की और उन्होंने मेरी स्थिति को समझते हुए दवाएं बदलीं।

इस बार उन्होंने मुझे जो चीज़ दी वो वाकई असरदार निकली —
➡️ Sertaconazole nitrate 2% lotion
ये एक anti-fungal लोशन था जिसे सीधे इंफेक्टेड हिस्से पर लगाना होता था। इसका असर धीरे-धीरे नजर आने लगा और खुजली व जलन में काफ़ी राहत मिली। ये लोशन मेरे लिए game-changer साबित हुआ। 
इस दवा से काफी आराम मिला ।


एक दावा lulilent oc lotion  यह दावा भी बहुत अच्छा काम करता है । मैं ज्यादा तर एलोपैथिक से ठीक हो गई थी फिर भी मैने पूरी तरीके से आराम पाने के लिए  आयुर्वेद दावा भी की क्योंकि फंगल इन्फेक्शन ऐसा है कि अगर वातावरण में नमी होती है तो ये फिर से ट्रिगर करता है ।

इन सब में बहुत ज्यादा खर्च आता है चुकी ये दवाएं बहुत महंगी होती है ।

🌿 जब आयुर्वेद ने दी राहत

फिर मैंने  आयुर्वेद विभाग से सलाह ली। वहाँ की दवाएं असरदार रहीं और खर्च भी कम हुआ। पर दवाओं के साथ मैंने जीवनशैली में बड़े बदलाव किए — जो शायद मेरे लिए असली इलाज साबित हुए।  आयुर्वेद में खर्च ज्यादा नहीं आता है 
और आराम पूरी तरीके से होता है ।


🔄 मैंने अपनाई ये जीवनशैली:

नहाने के बाद शरीर को अच्छी तरह पोंछना

गीले कपड़े कभी ना पहनना

कपड़े तेज धूप में सुखाना और प्रेस करके पहनना

बच्चों से संक्रमण न फैले, इसके लिए कपड़े अलग धोना

तौलिया, अंडरगारमेंट्स आदि बिल्कुल अलग इस्तेमाल करना

रोज़ भरपूर पानी पीना

रोज़ सुबह नीम के दो पत्ते चबाना और ऊपर से पानी पीना

चीनी, अचार, खट्टी चीज़ें कम कर दी

चाय की जगह हल्दी-तुलसी का काढ़ा

अंडा-मछली जैसे नॉनवेज फूड्स बंद कर दिए क्योंकि इनसे संक्रमण और बढ़ता था



योग को अपने जीवन में अपने दिनचर्या में शामिल करे और फंगल इन्फेक्शन शीत पित्त या किसी भी प्रॉब्लम को जड़ से खत्म कर सकते है ।



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😊 अब मैं बिल्कुल ठीक हूँ

इन सारे उपायों को अपनाते हुए मैंने धीरे-धीरे खुद को पूरी तरह ठीक किया। आज न कोई खुजली, न कोई परेशानी। और सबसे बड़ी बात — इस दौरान मैंने अपने शरीर को, उसकी ज़रूरतों को और खुद की आवाज़ को सुनना सीखा।


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💬 मेरा संदेश दूसरी महिलाओं को:

> अगर आप भी इस तरह की परेशानी से जूझ रही हैं, तो शर्माएं नहीं। डॉक्टर से बात करें, lifestyle सुधारेँ और अगर संभव हो तो आयुर्वेद को आज़माएं। पर सबसे ज़रूरी — खुद को नजरअंदाज मत कीजिए।





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