Hypotension क्या होता है? | What is Low Blood Pressure? (Vrat ke samay ki chhupi hui kamzori ya serious signal?)

 

लो बीपी (Low Blood Pressure) क्या होता है?

जब किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर सामान्य से कम हो जाता है, तो उसे लो ब्लड प्रेशर या हाइपोटेंशन कहा जाता है। सामान्य रूप से ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg होता है, लेकिन जब यह 90/60 mmHg से कम हो जाता है, तो व्यक्ति लो बीपी का शिकार हो सकता है।

🩺 लो बीपी के सामान्य लक्षण:

  • चक्कर आना
  • कमज़ोरी महसूस होना
  • धुंधली दृष्टि
  • थकान और आलस्य
  • बेहोशी जैसा महसूस होना

🌸 व्रत और उपवास में Low BP क्यों होता है?

हमारे हिंदू धर्म में महिलाएं साल भर कई तरह के व्रत रखती हैं, जैसे सोमवारी, तीज, एकादशी आदि। इनमें से कुछ उपवास बिना पानी के होते हैं, जबकि कुछ में केवल फल, दूध और थोड़ा सा भोजन लिया जाता है। इन उपवासों में नमक की मात्रा बहुत कम होती है और शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती।

ऐसे में लो बीपी की समस्या बढ़ सकती है। खासकर अगर व्रत लंबे समय तक चले या गर्मी का मौसम हो तो चक्कर, कमजोरी या बेहोशी जैसी स्थिति बन सकती है। इसलिए जरूरी है कि व्रत रखते समय अपने शरीर के संकेतों को समझें और ज़रूरत पड़ने पर उचित पोषण लें।

🌼 घरेलू उपाय जो लो बीपी में मदद करें

1. नमक और पानी:

लो बीपी में शरीर को नमक की जरूरत होती है। एक गिलास पानी में थोड़ा सा नमक मिलाकर पीने से तुरंत राहत मिल सकती है।

2. किशमिश:

10-15 किशमिश रातभर पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट खाएं। यह उपाय आयुर्वेद में लो बीपी के लिए बहुत लाभकारी माना गया है।

3. तुलसी के पत्ते:

तुलसी में पोटेशियम, मैग्नीशियम और विटामिन C होता है जो ब्लड सर्कुलेशन को ठीक करता है। 5-6 पत्ते रोज़ सुबह चबाएं या उनका रस शहद के साथ लें।

4. कॉफी या चाय:

लो बीपी के समय 1 कप स्ट्रॉन्ग कॉफी या अदरक की चाय पीना फायदेमंद होता है। यह ब्लड प्रेशर को तुरंत बढ़ाने में मदद करता है।

5. अनार और गाजर का रस:

अनार और गाजर दोनों ही खून को बढ़ाने और ब्लड सर्कुलेशन को ठीक करने में मदद करते हैं। रोज सुबह 1 गिलास पीएं।

6. नारियल पानी:

यह शरीर को हाईड्रेट रखता है और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस करता है जिससे लो बीपी कंट्रोल में रहता है।

🧘‍♀️ ध्यान देने योग्य बातें

  • भूखा ना रहें, समय-समय पर हल्का भोजन करते रहें।
  • खूब पानी पीएं और शरीर को डिहाइड्रेट होने से बचाएं।
  • तेजी से उठने या खड़े होने से बचें।
  • यदि समस्या लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लें।
  • अगर आप व्रत कर रही हैं और शरीर में कमजोरी महसूस हो रही है, तो थोड़ी मात्रा में नींबू-पानी या नारियल पानी लें, जिससे शरीर की ऊर्जा बनी रहे।

🙏 निष्कर्ष:

लो बीपी को अगर सही समय पर पहचानकर घरेलू और आयुर्वेदिक उपायों से संभाला जाए, तो यह समस्या गंभीर नहीं बनती। खासकर उपवास के दौरान अपने स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ न करें। अपने जीवनशैली में थोड़ा बदलाव लाकर आप स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस कर सकते हैं।

मैंने खुद उपवास के दौरान कई बार चक्कर और कमजोरी का अनुभव किया है, तभी जाना कि व्रत में शरीर का ध्यान रखना भी पूजा जितना ही जरूरी है।

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