अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और भारत के 7 महान योग गुरु

🌍 अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और योग गुरुओं का योगदान

आज पूरी दुनिया में 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। हर देश, हर शहर, हर उम्र का इंसान अब योग के महत्व को समझ रहा है। लोग जानने लगे हैं कि जैसे शुद्ध भोजन और पानी हमारे शरीर के लिए ज़रूरी हैं, वैसे ही योग भी तन-मन को स्वस्थ और संतुलित रखने का अमूल्य साधन है।

बच्चे हों या बड़े, अब सभी को योग की ओर जागरूक किया जा रहा है। इसकी शुरुआत हुई 2014 में जब भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने संयुक्त राष्ट्र संघ (WHO) में यह प्रस्ताव रखा कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाए।


🇮🇳 भारत को 'योग गुरु' बनाने में किन योग गुरुओं का योगदान है?

योग आज सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। इसका डंका विदेशों में भी बज रहा है। लेकिन इसके पीछे कई महान योग गुरुओं का त्याग, साधना और योगदान है। आइए जानते हैं ऐसे 5 प्रमुख योग गुरुओं के बारे में जिन्होंने योग को विश्व में पहचान दिलाई:

  1. B.K.S. Iyengar:
    B.K.S. Iyengar जी ने विदेशों में जाकर योग सिखाया और 'Iyengar Yoga' नामक पद्धति को दुनिया में फैलाया। उन्होंने कई प्रसिद्ध पुस्तकें लिखीं जैसे:
    • Light on Yoga
    • Light on Pranayama
    • Yoga Sutra of Patanjali

    भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री (1991), पद्म भूषण (2002), और पद्म विभूषण (2004) से सम्मानित किया।

  2. धीरेंद्र ब्रह्मचारी:
    इन्होंने कुंडलिनी योग का प्रचार-प्रसार किया और पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी के योग गुरु भी रहे।

    इन्होंने जम्मू में एक आश्रम खोला और गुरुग्राम (भोंडसी) में भी आश्रम स्थापित किया। इनकी प्रमुख पुस्तक है: ‘योगासन विजय’

  3. तिरुमलाई कृष्णमाचार्य:
    आयुर्वेद और योग दोनों में गहन ज्ञान रखने वाले कृष्णमाचार्य जी को आधुनिक योग का जनक माना जाता है।

    इन्होंने हठ योग और विन्यास योग की शैली को मजबूत किया। इनके शिष्य थे — BKS Iyengar, Pattabhi Jois, और Indra Devi।

  4. परमहंस योगानंद:
    परमहंस योगानंद जी को पश्चिमी दुनिया में योग का पहला प्रमुख प्रतिनिधि माना जाता है।

    उन्होंने अमेरिका में रहकर ध्यान और क्रिया योग का प्रचार किया। इनकी प्रसिद्ध पुस्तक है: 'Autobiography of a Yogi'

  5. श्री कृष्ण पट्टाभि जोइस:
    इन्हें अष्टांग विन्यास योग के लिए जाना जाता है। मैसूर में इनका आश्रम आज भी अंतरराष्ट्रीय योग साधकों को आकर्षित करता है।

🧘‍♂️ वर्तमान में दो और प्रमुख नाम:

  • बाबा रामदेव: बाबा रामदेव ने टीवी और योग शिविरों के माध्यम से योग को घर-घर तक पहुंचाया।

    इन्होंने आयुर्वेद, घरेलू उपचार और स्वदेशी उत्पादों को पुनः लोकप्रिय किया।

  • सद्गुरु (ईशा फाउंडेशन): सद्गुरु ने 'आदि योगी' के माध्यम से योग को आधुनिक युवाओं से जोड़ा।

    उनकी संस्था Isha Foundation लाखों लोगों को ध्यान और आत्म-खोज की दिशा में ले जा रही है।


✨ निष्कर्ष:

आज का दिन केवल योग करने का नहीं, बल्कि उन महान गुरुओं को याद करने का है जिन्होंने भारत को 'योग गुरु' के रूप में विश्वपटल पर स्थापित किया।

तो आइए, इस योग दिवस पर हम सब प्रण करें कि हम योग को सिर्फ एक व्यायाम नहीं, बल्कि एक जीवनशैली बनाएंगे — तन, मन और आत्मा को संतुलित रखने का साधन।

“योग करें, रोग भगाएं – खुश रहें, स्वस्थ रहें।”

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