“क्या पहला ऑपरेशन के बाद दूसरी डिलीवरी नॉर्मल हो सकती है? मेरी सच्ची कहानी और सलाह”
पहले ऑपरेशन का अनुभव – कोरोना के डर के साथ
2020 में जब मेरी पहली प्रेग्नेंसी थी, तब कोरोना का समय चल रहा था। छोटे शहरों में प्रेग्नेंट महिलाओं को डॉक्टर ठीक से देख भी नहीं रहे थे। मैं भी बहुत डरी हुई थी — क्या होगा, कैसे होगा, डॉक्टर मिल पाएंगे या नहीं? बस एक ही चिंता थी कि मेरा बच्चा सुरक्षित रहे।
26 मई 2020 को मेरा दर्द शुरू हुआ, लेकिन डॉक्टर ने बताया कि बच्चा head down नहीं है और ज्यादा इंतज़ार करना जोखिम भरा होगा। दर्द के बाद भी बच्चा नीचे नहीं आ रहा था, और रात 2 बजे के बाद ऑपरेशन करना पड़ा। उस रात मुझे एक प्यारी सी बेटी हुई, जैसे लक्ष्मी मेरे घर आई हो।
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चार साल बाद… उम्मीद के साथ दूसरी प्रेग्नेंसी
जब मैं दोबारा प्रेग्नेंट हुई, तो मेरे मन में एक ही बात थी — क्या इस बार मेरी नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है? मुझे लगता था कि शायद पहली बार भी हो सकती थी, लेकिन डॉक्टर ने रिस्क ना लेकर ऑपरेशन किया।
इस बार मैंने तय किया कि मैं पूरी तरह से एक्टिव रहूंगी —
समय पर खाना, फल, नारियल पानी, सप्लिमेंट्स
नियमित योग
डॉक्टर की लगातार निगरानी
पहले बच्चे की भी देखभाल
डॉक्टर ने स्कार (पहले ऑपरेशन का निशान) का अल्ट्रासाउंड कराया और सभी medically जरूरी चीज़ें चेक कीं।
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डिलीवरी का दिन – फिर एक इमर्जेंसी
3 अप्रैल को जब दर्द शुरू हुआ, तो मुझे अस्पताल में भर्ती किया गया। सब कुछ ठीक लग रहा था और बच्चा नीचे भी आ रहा था। लेकिन मशीन पर उसकी हार्टबीट धीमी दिखने लगी। डॉक्टर ने तुरंत मेरे पति से बात की और उन्होंने भी कहा — “जो सही हो, वही कीजिए।” फिर एक बार ऑपरेशन हुआ, और इस बार मुझे बेटा हुआ। मेरा परिवार पूरा हुआ।
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मेरी सलाह सभी माँओं के लिए:
अगर आप VBAC (पहले ऑपरेशन के बाद नॉर्मल डिलीवरी) ट्राय करना चाहती हैं, तो ज़रूर करें
लेकिन जिद मत कीजिए — जान सबसे जरूरी है
एक ऐसा हॉस्पिटल चुनें जहाँ इमरजेंसी ऑपरेशन तुरंत हो सके
क्लिनिक में केवल नॉर्मल ट्राय करना सही नहीं, क्योंकि समय पर ऐनेस्थीसिया डॉक्टर या सुविधाएं ना मिलें तो परेशानी हो सकती है
अनुभवी डॉक्टर ही चुनें, जो सही समय पर सही सलाह दे सकें
अंत में मेरा संदेश:
माँ बनना एक चमत्कार है। तरीका चाहे ऑपरेशन हो या नॉर्मल, सबसे जरूरी है — आप और आपका बच्चा सुरक्षित और स्वस्थ रहें।
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